कल मैच देख रहा था, क्रिकेट का, इंडिया और आस्ट्रेलिया वाला । अचानक कुछ काम याद आ गया सो कुछ देर के लिए किसी और काम में ब्यस्त हो गया । जब लौट कर देखा तो पता चला शर्मा जी निकल लिए । के० एल० के बारे में आज –…
Category: Thoughts
क्या सिर्फ कर्ता ही दोषी है किसी कार्य के न होने या करने में ?
एक पार्टी है जो विपक्ष में है, इस लेख में उनको हम A से संबोधित करेंगें, और इस पार्टी A की एक पुरानी साथी है जो अभी सत्ता में है, इसे हम B से संबोधित करेंगें । नामांकरण के बाद स्वभाव पर आते हैं: तो स्वभाव से दोनों पति –…
खूबसूरती और हाजिर – जबाबी कितना महत्व रखता है हमारे लिए ?
कुछ दिन पहले अपने एक संबंधी के यहाँ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था । बहुत से लोगों से मिलना हुआ, बहुत दिन हो गए थे सबसे मिले हुये । मुझे यात्रा करना कभी भी रास नहीं आया । अब गाड़ी पर बैठ कर 3 – 4 घंटे…
जीवन के संघर्षों से मिले अनुभवों का घमंड या फिर सहानुभूति लेने की इच्छा !
कई बार मन में यह विचार आता है कि अपनी जीवनी लिखूँ और मन में ऐसे विचार आने के कारण हैं । कारण हैं हमारे कुछ मित्र, जिनका मानना है कि कुछ तो अलग है तुम्हारी ज़िंदगी में, थोड़ी ज्यादा पेचीदगी है, सामान्य कार्य में भी जटिलता है, कुछ न…
न ही माता-पिता भगवान हैं और न ही संतान भविष्य का बस एक निवेश !
हम सभी अपने माता-पिता से बहुत प्यार करते हैं, करना भी चाहिए, आखिर उन्हीं की वजह से तो हम अस्तित्व में आए हैं और कुछ भी कर सकने की स्थिति में आये हैं । अब सवाल यह है कि कितना करना चाहिए ? मतलब कोई तो सीमा – सरहद होगी, आखिर…